निगाहों में मंजिल साफ थी,
बार बार गिरे ,
मगर गिरकर संभलते रहे,
हवाओं ने कोशिशे तो बहुत की,
मगर हम वो चिराग थे
जो आंधियों में भी जलते रहे ।।
🌺🌸 good morning 🌸🌺
बार बार गिरे ,
मगर गिरकर संभलते रहे,
हवाओं ने कोशिशे तो बहुत की,
मगर हम वो चिराग थे
जो आंधियों में भी जलते रहे ।।
🌺🌸 good morning 🌸🌺