दंगाई और पत्थर बाज तो कट्टरपंथी हिंदू आतंकवादी हैं।
मस्जिद के सामने तेरी बहन जाती है नाचने? जब मस्जिद दिखे तो पूरी हिंदू आतंकवादी कौम मस्जिद के सामने नाचना शुरू कर देती है।
जब चर्च दिखे तो वहाँ नाचना शुरू कर देते हैं, अभी लखनऊ के चर्च में जब ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना कर रहे थे तो ये सूअर हिंदू कौम वहाँ जाकर अपना भजन शुरू कर दिया। ये बोलने लगा कि जीसस के फादर नहीं हैं तो कृष्ण ही जीसस का फादर है।बिहार में बौद्ध धर्म के मंदिर को इन हिंदुओं ने छीन लिया और अब वो बौद्ध धर्म के अनुयायी अपने मंदिर की माँग कर रहे हैं।
मणिपुर में ईसाइयों के खिलाफ दंगा हुआ, पुलिस ने औरतों को नंगे कर दिया।सिखों को खालिस्तानी कहकर दिल्ली की ट्रेन में उनके सिर से पगड़ी उतार दी।
और इसके बाद भी ये उम्मीद रखते हैं कि हम मस्जिद के सामने जाकर नाचें और हमें कोई मारे भी नहीं? ये दोगलापन सिर्फ और सिर्फ इस आतंकवादी हिंदू में है और किसी में नहीं।तुम वही हिंदू हो जिसने आज से पहले जब मुगल नहीं थे, तो ये दलितों के साथ वेद भाव करता था। उसे पानी तक नहीं पीने देता था अपने कल से, अपने साथ नहीं रहने देता था, शादी में घोड़े पर नहीं बैठने देता था, स्तन खोलकर रखवाता था और अगर स्तन बड़ी होती थी तो टैक्स ज्यादा लेता था और छोटी होती थी तो कम टैक्स लेता था। बच्चों को मारकर बलि चढ़ा देता था और पति के मरने के बाद उसकी पत्नी को भी साथ में जिंदा जला देता था, जिसको सती प्रथा कहा जाता है।और तुम मुसलमानों को पत्थर बाज बोल रहे हो? अरे सूअर कहीं के, हिंदू ही दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है, जाकर पढ़ अपने बाप-दादा का इतिहास, फिर मालूम पड़ेगा।आज जुल्म बर्दाश्त कर रहे हैं जब तक कर सकते हैं, लेकिन याद रखना जिस दिन ये भारत का मुसलमान अगर हथियार उठा लिया ना तो उस दिन तुम अपनी मौत की भीख माँगते फिरोगे, लेकिन तुम्हें नहीं मिलेगा।
जब कुम्भ मेला हिन्दू को जरूरत हुआ तो मुस्लिम ने ही खाना दिया, रहने के लिए मंदिर में जगह दी और सोने के लिए कम्बल दिया। ये भूल गया क्या रे? हाँ, भूल गया होगा, नमक हराम और गद्दार कौम हो तुम लोग।
सूअर कहीं के, निकल यहाँ से।
मस्जिद के सामने तेरी बहन जाती है नाचने? जब मस्जिद दिखे तो पूरी हिंदू आतंकवादी कौम मस्जिद के सामने नाचना शुरू कर देती है।
जब चर्च दिखे तो वहाँ नाचना शुरू कर देते हैं, अभी लखनऊ के चर्च में जब ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना कर रहे थे तो ये सूअर हिंदू कौम वहाँ जाकर अपना भजन शुरू कर दिया। ये बोलने लगा कि जीसस के फादर नहीं हैं तो कृष्ण ही जीसस का फादर है।बिहार में बौद्ध धर्म के मंदिर को इन हिंदुओं ने छीन लिया और अब वो बौद्ध धर्म के अनुयायी अपने मंदिर की माँग कर रहे हैं।
मणिपुर में ईसाइयों के खिलाफ दंगा हुआ, पुलिस ने औरतों को नंगे कर दिया।सिखों को खालिस्तानी कहकर दिल्ली की ट्रेन में उनके सिर से पगड़ी उतार दी।
और इसके बाद भी ये उम्मीद रखते हैं कि हम मस्जिद के सामने जाकर नाचें और हमें कोई मारे भी नहीं? ये दोगलापन सिर्फ और सिर्फ इस आतंकवादी हिंदू में है और किसी में नहीं।तुम वही हिंदू हो जिसने आज से पहले जब मुगल नहीं थे, तो ये दलितों के साथ वेद भाव करता था। उसे पानी तक नहीं पीने देता था अपने कल से, अपने साथ नहीं रहने देता था, शादी में घोड़े पर नहीं बैठने देता था, स्तन खोलकर रखवाता था और अगर स्तन बड़ी होती थी तो टैक्स ज्यादा लेता था और छोटी होती थी तो कम टैक्स लेता था। बच्चों को मारकर बलि चढ़ा देता था और पति के मरने के बाद उसकी पत्नी को भी साथ में जिंदा जला देता था, जिसको सती प्रथा कहा जाता है।और तुम मुसलमानों को पत्थर बाज बोल रहे हो? अरे सूअर कहीं के, हिंदू ही दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है, जाकर पढ़ अपने बाप-दादा का इतिहास, फिर मालूम पड़ेगा।आज जुल्म बर्दाश्त कर रहे हैं जब तक कर सकते हैं, लेकिन याद रखना जिस दिन ये भारत का मुसलमान अगर हथियार उठा लिया ना तो उस दिन तुम अपनी मौत की भीख माँगते फिरोगे, लेकिन तुम्हें नहीं मिलेगा।
जब कुम्भ मेला हिन्दू को जरूरत हुआ तो मुस्लिम ने ही खाना दिया, रहने के लिए मंदिर में जगह दी और सोने के लिए कम्बल दिया। ये भूल गया क्या रे? हाँ, भूल गया होगा, नमक हराम और गद्दार कौम हो तुम लोग।
सूअर कहीं के, निकल यहाँ से।